मिसाइल मैन APJ Abdul Kalam का जीवन परिचय

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कौन है APJ Abdul Kalam

तमिलनाडु के धनुषकोड़ी रामेश्वरम में जन्में APJ Abdul Kalam आज BHARAT के MISSILE MAN के नाम से जाने जाते है। आपको बता दें कि, भारत में परमाणु ऊर्जा में भागीदारी ने उन्हें “भारत का मिसाइल मैन” की उपाधि दी है। ABDUL KALAM के योगदानों को देखते हुए भारत सरकार ने उन्हें सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार से सम्मानित किया था।

आपको बता दें कि बीते साल 9 फरवरी 2020 को केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने देश की राजधानी नई दिल्ली में डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम की बायोपिक का फर्स्ट लुक जारी किया था। फिल्म का शीर्षक ए.पी.जे. अब्दुल कलाम : द मिसाइल मैन (APJ Abdul Kalam: The Missile Man) है।

MISSILE MAN APJ Abdul Kalam  का जीवन परिचय

डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम का जन्म 15 अक्टूबर 1931 को एक तमिल मुस्लिम परिवार में हुआ था। अब्दुल कलाम का पूरा नाम अवुल पकिर जैनुलाब्दीन अब्दुल कलाम। उनका जन्म TAMILNADU के धनुषकोडी, रामेश्वरम में हुआ। उनके पिता का नाम जैनुलाब्दीन था, जो एक नावक थे। उनकी माता का नाम असीम्मा था और वह एक HOUSEWIFE थीं। उनके पांच भाई बहिन थे, तीन बड़े भाई और एक बड़ी बहन। अब्दुल कलम अपने FAMILY के करीब थे और हमेशा उनकी मदद करते थे। परिवार की मदद करने के लिए, कलाम ने कम उम्र में अखबार बेचना शुरू किया था। उन्होंने शादी नहीं की थी। उन्होंने PHYSICS AND AEROSPACE ENGINEERING की पढ़ाई की। उनकी जयंती को विश्व छात्र दिवस के रूप में मनाया जाता है। APJ Abdul Kalam 2002 से 2007 तक भारत के PRESIDENT रहे। 1997 में उन्हें “भारत रत्न” सहित कई प्रतिष्ठित पुरस्कारों से सम्मानित किया गया।

ऐसा था SCHOOL का सफर

स्कूल के दिनों में वे पढ़ाई लिखाई में सामान्य थे लेकिन नई चीजें सिखने के लिए वे हमेशा तैयार रहते थे। उनकी सबसे ज्यादा रूचि MATHS में थी और वे चीजों को सीखना चाहते थे। अब्दुल कलाम अपनी पढ़ाई पर घंटो ध्यान देते थे। उन्होंने SCHWARTZ HIGHER SECONDARY SCHOOL, रामनाथपुरम, तमिलनाडु से मैट्रिक की पढ़ाई पूरी की और बाद में उन्होंने सेंट जोसेफ कॉलेज में दाखिला लिया और सन 1954 में भौतिक विज्ञान में स्नातक किया। जिसके एक साल बाद यानी 1955 में वे मद्रास चले गए। MADRAS में उन्होंने INSTITUTE OF TECHNOLOGY में AEROSPACE ENGINEERING की पढ़ाई की। आपको बता दें कि, ABDUL KALAM का सपना एक FIGHTER PILOT बनना का था, लेकिन ऐसा नहीं हो पाया। क्युकि परीक्षा में उन्होंने नौवा स्थान प्राप्त किया, जबकि IAF ने केवल आठ परिणाम ही घोषित किये थे। परीक्षा में सफल न होने की वजह से उनका सपना पूरा न हो पाया।

APJ Abdul Kalam के योगदान

आपको बता दें कि, DR. APJ Abdul Kalam राष्ट्रपति बनने से पहले भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) और रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) के साथ AEROSPACE ENGINEER थे। जिसके बाद वर्ष 2002 में वे भारत के राष्ट्रपति चुने गए। देश के अंतरिक्ष कार्यक्रम, प्रक्षेपण यान और बैलिस्टिक मिसाइल प्रौद्योगिकी विकास में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका के लिए उन्हें ‘MISSILE MAN OF INDIA’ नाम की उपाधि दी गई। 1998 में भारत के पोखरण-II परमाणु परीक्षणों में भी उनका महत्वपूर्ण योगदान था। उन्होंने ISRO में भारत के पहले स्वदेशी सैटेलाइट लॉन्च वाहन (SLV-III) के के एक प्रोजेक्ट डायरेक्टर के रूप में भी काम किया था।

उपलब्धियां

डॉ. कलाम ने देश और समाज के लिए कई अहम योगदान दिए है। उनके द्वारा किये गए कार्यों के लिए, DR. KALAM को अनेकों पुरस्कारों से सम्मानित किया गया। उन्हें लगभग 40 विश्वविद्यालयों ने मानद डॉक्टरेट की उपाधि दी है और भारत सरकार ने उन्हें पद्म भूषण, पद्म विभूषण और भारत के सबसे बड़े नागरिक सम्मान ‘भारत रत्न’ से सम्मानित किया है। आइए देखें लिस्ट:

वर्ष सम्मान संगठन

2014 डॉक्टर ऑफ साइंस एडिनबर्ग विश्वविद्यालय , ब्रिटेन
2012 डॉक्टर ऑफ़ लॉ ( मानद ) साइमन फ्रेजर विश्वविद्यालय
2011 आईईईई मानद सदस्यता आईईईई
2010 डॉक्टर ऑफ़ इंजीनियरिंग वाटरलू विश्वविद्यालय
2009 मानद डॉक्टरेट ऑकलैंड विश्वविद्यालय
2009 हूवर मेडल ASME फाउंडेशन, संयुक्त राज्य अमेरिका
2009 अंतर्राष्ट्रीय करमन वॉन विंग्स पुरस्कार कैलिफोर्निया प्रौद्योगिकी संस्थान , संयुक्त राज्य अमेरिका
2008 डॉक्टर ऑफ़ इंजीनियरिंग नानयांग प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय , सिंगापुर
2007 चार्ल्स द्वितीय पदक रॉयल सोसाइटी , ब्रिटेन
2007 साइंस की मानद डाक्टरेट वॉल्वर हैम्प्टन विश्वविद्यालय , ब्रिटेन
2000 रामानुजन पुरस्कार अल्वर्स रिसर्च सैंटर, चेन्नई
1998 वीर सावरकर पुरस्कार भारत सरकार
1997 राष्ट्रीय एकता के लिए इंदिरा गांधी पुरस्कार भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
1997 भारत रत्न भारत सरकार
1994 विशिष्ट फेलो इंस्टिट्यूट ऑफ़ डायरेक्टर्स (भारत)
1990 पद्म विभूषण भारत सरकार
1981 पद्म भूषण भारत सरकार

DR. KALAM पर बनी MOVIE

A.P.J. ABDUL KALAM के जीवन से प्रभावित हो कर BOLLYWOOD में एक MOVIE भी बनी है। जिसका नाम है “I AM KALAM” नीला मधब पांडा के निर्देशन में बनी यह MOVIE 5 अगस्त 2011 को रिलीज़ हुई थी। इस MOVIE में हर्ष मायर, हसन साद, राजकुमार रणविजय, गुलशन ग्रोवर, बीट्रिस ऑर्डेइक्स, पीतोबाश त्रिपाठी ,मीना मीर, सुरेश आचार्या, बिस्वजीत बाल, रजत भल्ला, गरिमा भारद्वाज, संजय चौहान और एस. डी. चौहान ने भूमिका निभाई है।

इस MOVIE की कहानी शुरू होती है एक 12 साल के बच्चे छोटू से। गरीबी और अभाव में रहने के बावजूद छोटू खुश है और हालातों से प्रसन्नतापूर्वक जूझता है। वह अपने परिवार की आर्थिक मदद के लिए एक छोटी-सी होटल में काम करता है। शाम को थोड़ा वक्त मिलता है तो किताबें पढ़ता है। उसका सपना है कि वह शिक्षा हासिल करे और अपनी हालत को बदले।

एक दिन छोटू भारत के FORMER PRESIDENT DR. ABDUL KALAM का भाषण सुनता है। उसे यह जानकर आश्चर्य होता है कि राष्ट्रपति का बचपन भी कठिनाइयों से गुजरा है, लेकिन कड़ी मेहनत और दृढ़ संकल्प के जरिये वे ऊंचाइयों तक पहुंचे। छोटू को इस भाषण से प्रेरणा मिलती है। जिसके बाद वह अपने इस नाम को बदल कर ‘कलाम’ कर लेता है। वह भी कलाम की तरह हीरो बनना चाहता है। इसमें उसका दोस्त प्रिंस रणविजय मदद करता है।

‘आई एम कलाम’ एक छोटे बच्चे की प्रेरणादायक कहानी है जो असंभव से दिखने वाले ख्वाब को हकीकत में बदलने की कोशिश करता है।

DR. A.P.J. ABDUL KALAM का निधन

DR. KALAM का निधन 27 जुलाई 2015 को हुआ। दरअसल वे IIM SHILONG में एक LECTURE दे रहे थे। इस दौरान उन्हें दिल का दौरा पड़ा और उनकी हालत गंभीर हो गई। जिसके बाद उन्हें बेथानी अस्पताल में ADMIT किया गया। HOSPITAL में CARDIAC ARREST से उनकी मृत्यु हो गई। मृत्यु के बाद 30 जुलाई 2015 को उनका अंतिम संस्कार उनके पैत्रक गाँव रामेशवरम के पास हुआ। आपको यह सुनकर हैरानी होगी कि, उनके अंतिम संस्कार में लगभग 350,000 लोग शामिल हुए थे। जिसमें भारत के प्रधानमंत्री, तमिलनाडु के राज्यपाल और कर्नाटक, केरल और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री भी शामिल थे।

मेरी बातें

मुझे आशा है कि, आपको हमारी यह पोस्ट पसंद आई होगी। आपको भी छोटी की तरह DR. KALAM की जीवन गाथा से प्रेरणा मिली होगी और आप भी अपने सपनों को पूरा करने के लिए जी जान से मेहनत करेंगे। DR. KALAM पूरे देश के युवाओं के IDEAL थे उनकी छवि आज भी हमारे दिल में छपी है, उनकी जगह आज भी हमारे दिल में बनी हुई है। आप हमें COMMENTS के जरिए अपनी राय दे सकते है। आपको उसका जल्द से जल्द REPLY मिलेगा।

 

नमस्कार दोस्तों, मैं Akanksha Jain Help2Help की Biography Author हूँ. Education की बात करूँ तो मैं Mass Communication से Graduate हूँ. मुझे Biography पढ़ना और दूसरों को पढ़ाना में बड़ा मज़ा आता है.

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