Bhopal Crime News: खतरे से बाहर बताकर अस्पताल से कर दी थी छुट्टी

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भोपाल | जिस घाव को मामूली बताकर, टांके लगाने के बाद डॉक्टर ने एसआई दुबे की अस्पताल से छुट्टी कर दी थी। वहां जख्मी 13 दिन बाद उनकी मौत की वजह बन गया। यहां तक की जेपी अस्पताल में बनी एमएलसी में भी चोट देखकर डॉक्टर ने खतरे की बात नहीं लिखा था।शाहजहांनाबाद पुलिस लाइन में रहने वाले श्रीराम दुबे की मौत से राजधानी पुलिस में शोक का माहौल है मृदुभाषी और मिलनसार दुबे के परिवार में पत्नी साधना गृहणी है बड़ा बेटा सत्यम( 24)इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी कर चुका है बेटी कुसुमलता ( 21) स्‍नातक की पढ़ाई कर चुकी है। सबसे छोटे बेटे सिद्धार्थ ने हाल ही में 12 वीं पास की है

दूसरे दिन ही बिगड़ने लगी थी तबीयत

एमपी नगर थाना प्रभारी सुधीर अरजरिया के मुताबिक चाकू का वार लगने के बाद एसआइ दुबे को उपचार के लिए जेपी अस्पताल पहुंचाया गया था। वहां एमलसी रिपोर्ट में एसआइ दुबे की चोट को डॉक्टर ने आउट ऑफ डेंजर बताते हुए टांके लगाकर छुट्टी दे दी थी। नौ अगस्त को दुबे को दर्द की शिकायत बढ़ने पर परिवार के लोगों ने एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया था। गुरुवार को हालत काफी बिगड़ती देख परिवार के लोगों ने उन्हें बंसल अस्पताल में भर्ती कराया था। उपचार के दौरान शुक्रवार दोपहर उनकी मौत हो गई। पोस्टमार्टम के बाद शाम को परिवार के लोग अंतिम संस्कार के लिए उनका शव लेकर ग्राम बगदारी,थाना सुआतला जिला नरसिंहपुर के लिए रवाना हो गए थे |

नमस्कार दोस्तों, मैं Ghanshyam Patel, Help2Helpका Technical Author & Co-Founder हूँ. Education की बात करूँ तो मैं एक B.Com Graduate हूँ. मुझे नयी नयी Technology से सम्बंधित चीज़ों को सीखना और दूसरों को सिखाने में बड़ा मज़ा आता है.

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