डांसिंग क्वीन मास्टरजी Saroj Khan का जीवन परिचय

Saroj Khan

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कौन है Saroj Khan

Saroj Khan Bollywood का वो सितारा थी जिसने आज ही दिन पिछले साल चमकना छोड़ दिया और हमेशा के लिए हमारे दिल में बस गई। जी हां आज के दिन यानी 3 जुलाई 2020 को हुआ था वो हमेशा के लिए हम सब को छोड़ कर चली गई थी। Saroj Khan ने अपने जीवन का एक बहुत बड़ा हिस्सा Bollywood Cinema को दिया है। उन्होंने बॉलीवुड की ज्यादातर अभिनेत्रियों को डांस सिखाया है जिसे डांस नहीं भी आता था उसे भी नचाया है। Saroj Khan एक ऐसी महिला थी जिसके बारे में आज तक कभी किसी ने बुरा नहीं सोचा और न ही कभी उन्होंने किसी का बुरा किया।

वहीं आज उनकी पहली पुण्यतिथि पर हम बात करेंगे डांसिंग क्वीन मास्टरजी Saroj Khan की, उनके निजी जीवन की और उनके करियर की। साथ ही आज हम उनकी इस success के पीछे की संघर्ष भरी कहानी के बारे में भी बात करेंगे। वहीं आपको बता दें कि, Saroj Khan का असली नाम यह नहीं बल्कि कुछ और है। अगर आपको उनका असली नाम नहीं पता और जानना चाहते है तो आपको हमारी यह पोस्ट पूरी पढ़नी पड़ेगी। तो चलिए जानते है डांसिंग क्वीन मास्टरजी Saroj Khan के बारे में तमाम बातें:

परिचय

Saroj Khan का जन्म 22 नवंबर 1948 को मुंबई, महाराष्ट्र में हुआ था। आपको बता दें कि, Saroj Khan का असली नाम निर्मला नागपाल था। उनके माता-पिता भारत के विभाजन के बाद भारत चले आए थे। उनके पिता का नाम किशनचंद सद्धू सिंह तथा उनकी माता का नाम नोनी सद्धू सिंह था।

शादी

आपको बता दें कि, Saroj Khan ने एक मुस्लिम से शादी की है। उनके पति का नाम सरदार रोशन खान है, और इसी वजह से निर्मला नागपाल का नाम Saroj Khan हो गया। Saroj Khan ने नृत्य कि शिक्षा बी सोहनलाल से ली थी। वहीं एक पाकिस्तानी टीवी शो पर अपने खुद के इकबालिया बयान के अनुसार उन्होंने इस्लाम को शादी से पहले ही कूबुल कर लिया था। तेरह साल कि उम्र मे Saroj Khan ने बी सोहनलाल से शादी की थी। जो कि उस समय के एक प्रसिद्ध नृत्य गुरु थे। साथ ही आपको यह भी बता दें कि, सोहनलाल पहले से ही शादीशुदा थे और उनके 4 बच्चे भी थे।

Saroj Khan
Saroj Khan

इसके बावजूद Saroj Khan ने उनसे शादी की और महज 14 साल की उम्र में ही उन्होंने अपने पहले बच्चे को जन्म दिया। अपने पहले बच्चे का नाम उन्होंने हामिद खान रखा। जो अब राजू खान के नाम से एक प्रसिद्ध नृत्य रचनाकार है। वहीं, साल 1935 में वह सोहनलाल से अलग हुई, लेकिन उनके सहायक के रूप में काम करती रही।

फिर से आए साथ

Saroj Khan और Sohanlal एक बार फिर से साथ आए उस समय सोहनलाल को दिल का दौरा पड़ा था। उनके ठीक होने के बाद Saroj Khan ने अपने एक और बच्चे को जन्म दिया। उन्होंने बेटी को जन्म दिया जिसका नाम हिना खान (कोयल) रखा। Saroj Khan, Sohanlal और अपने दोनों बच्चों को छोड़ कर माद्रस चले गये। उसके बाद वह सरदार रोशन खान के साथ शादी ली और सुकय्ना खान नाम के एक बेटी को जन्म दिया। जो अब दुबई में एक नृत्य संस्थान चलाती है। तो यह थी Saroj Khan और Sohanlal की शादी शुदा जिंदगी की कहानी।

करियर

साथ ही अब करियर की बात की जाए तो Saroj Khan ने अपने करियर की शुरुआत महज 3 साल की उम्र से कर ली थी। उन्होंने तीन साल की उम्र में बाल कलाकार के रूप में फ़िल्म नज़राना से बाल श्यामा के रूप में करियर शुरू किया था। वहीं 40 से अधिक वर्षों के करियर के दौरान उन्होंने 2000 से अधिक गानों को कोरियोग्राफ किया है। वहीं आपको बता दें कि, Saroj Khan को भारत में “द मदर ऑफ डांस / कोरियोग्राफी” के रूप में जाना जाता है। वहीं कोरियोग्राफार के तौर पर उनकी आखिरी फिल्म “कलंक” थी।

saroj-madhuri-shreedevi
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वहीं स्वतंत्र कोरियोग्राफर के रूप में उनकी पहली फिल्म “गीता मेरा नाम” थी जो की साल 1974 में रिलीज़ हुई थी। हालांकि, Saroj Khan को नाम कमाने में थोड़ा समय जरूर लगा लेकिन जब उनका करियर उफान पर आया तो उनके आगे कोई लग्गे नहीं लगा। उन्हें यह प्रसिद्धि श्री देवी की फिल्म मिस्टर इंडिया में “हवा हवाई” (1987), नगीना (1986) और चांदनी (1989) से मिली। जिसके चलते डांसिंग क्वीन Madhuri Dixit के साथ, तेजाब (1988), इसके बाद फिल्म “बेटा” के गाने “धक् धक् करने करने लगा” से उनका करियर एकदम ऊपर चढ़ गया।

जज के तौर पर Saroj Khan

अपने करियर के दौरान ही उनका नाम भारत की बेस्ट और सबसे सफल कोरियोग्राफर के तौर पर उभर चुका था। जिसके चलते साल 2005 में Saroj ने टीवी रियलिटी शो “नच बलिए” में जज के रूप में शामिल हुई थी। वहीं कुछ साल पहले ही Saroj “उस्तादों के उस्ताद” शो के लिए जज बनी थी यह शो सोनी एंटरटेनमेंट टेलीविजन (इंडिया) पर प्रसारित होता है। वह “तारक मेहता का उल्टा चश्मा” में एक नृत्य प्रतियोगिता में जज के रूप में दिखाई दीं थीं।

अवार्ड्स

Saroj Khan ने साल 1999 में आई फिल्म “हम दिल दे चुके सनम” में सर्वश्रेष्ठ नृत्यकला के लिए फिल्म फेयर पुरस्कार और राष्ट्रीय फ़िल्म पुरस्कार और अमेरिकी नृत्यकला अवार्ड जीता है।

इसके बाद फिल्म “देवदास” सर्वश्रेष्ठ नृत्यकला के लिए फिल्म फेयर पुरस्कार और राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार जीता है।

वहीं फिल्म “जब वी मेट” में बेस्ट नृत्यकला के लिए उन्हे राष्ट्रीय फ़िल्म पुरस्कार जिता है।

2007 में आई फिल्म गुरु के लिए उन्हे सर्वश्रेष्ठ नृत्यकला के लिए फिल्मफेयर अवार्ड से नवाजा गया।

निधन

वहीं बीता साल पूरे विश्व के लिए तो संकट से भरा था ही साथ ही इस दौरान बॉलीवुड की दुनिया से एक चमकते सीतारे ने इस दुनिया को हमेशा के लिए अलविदा कह दिया था। दरअसल महामारी कोरोना वायरस के दौरान Saroj Khan को साँस लेने में दिक्कत होने पर, उनको मुंबई के गुरु नानक हॉस्पिटल में 17 जून 2020 को भर्ती कराया गया। जहाँ उनकी 3 जुलाई 2020, शुक्रवार के दिन मृत्यु हो गई। उन्होंने 71 साल की उम्र में इस दुनिया को हमेशा के लिए अलविदा कह दिया।

विशेष तथ्य

आशा करती हु कि, आप सभी अपने घरों में Safe होंगे और आपको हमारी यह पोस्ट पसंद आई होगी। Saroj Khan के बारे में तमाम जानकारी आपको मिल गई होगी अगर आप हमसे कुछ भी पूछना चाहते है तो आप Comment के जरिए पूछ सकते है। आपको जल्द ही उसका Reply मिलेगा। ऐसी ही पोस्ट के लिए help2hindi के और पोस्ट पढ़े।

About Akanksha Jain

नमस्कार दोस्तों, मैं Akanksha Jain Help2Help की Biography Author हूँ. Education की बात करूँ तो मैं Mass Communication से Graduate हूँ. मुझे Biography पढ़ना और दूसरों को पढ़ाना में बड़ा मज़ा आता है.

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