Google CEO Sundar Pichai की सफलता का सफर

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कौन है Sundar Pichai

Sundar Pichai एक ऐसा नाम जिसे आज बच्चा-बच्चा जनता है। आपको बता दें कि, Sundar Pichai को दिसंबर 2019 में ही Google CEO से Alphabet के CEO के तौर पर प्रमोट किया गया है। दरअसल, Alphabet Google की पैरेंट कंपनी है। Alphabet के अंदर कई कंपनियां आती हैं। Sundar Pichai अब तक कंपनी में सीनियर वाइस प्रेसीडेंट थे। Sundar Pichai काफी सब्य और बिलकुल सिंपल नेचर के इंसान है। सुंदर पिचाई ने 2004 में गूगल ज्वाइन किया था। उस समय वे प्रोडक्ट और इनोवेशन ऑफिसर थे। जिसके बाद उन्होंने अपनी मेहनत और लगन से आज इस मुकाम को हासिल किया है।

वहीं आज हम बात करेंगे Sundar Pichai की, उनके करियर की और उनके निजी जीवन की। आपको बता दें कि, Sundar Pichai ने अपने जीवन में बहुत मेहनत की है जिसके बाद उसका परिणाम अब एक सफल व्यक्ति के रूप में हुई है। Sundar Pichai कई योंग्सटर्स के आइडियल मैन भी माने जाते है। तो चलिए शुरू करते है Sundar Pichai का जमीन से लेकर आसमान तक के सफर की कहानी।

परिचय और पढाई

Sundar Pichai का जन्म 12 जुलाई 1972 में मदुरै, तमिलनाडु मे हुआ था। Sundar Pichai एक तमिल परिवार में लक्ष्मी और रघुनाथ पिचाई के घर में जन्मे थे। उनकी मां लक्ष्मी एक स्टेनोग्राफर थीं और ,उनके पिता रघुनाथ पिचाई ब्रिटिश समूह के जीईसी में एक इलेक्ट्रिकल इंजीनियर थे। Sundar के पिता का मैन्युफैक्चरिंग प्लांट था जहा इलेक्ट्रिक कॉम्पोनेंट बनाए जाते थे। सुन्दर पिचाई की पत्नी का नाम अंजलि पिचाई है और उनके दो बेटे है।

Sundar-Anjali
Sundar-Anjali

वही अगर पढाई की बात की जाए तो Sundar ने जवाहर नवोदय विद्यालय, अशोक नगर, चेन्नई में दसवीं तक की पढाई पूरी की। जिसके बाद उन्होंने वना वाणी स्कूल, चेन्नई में स्थित स्कूल से बारहवीं कक्षा पूरी की। इसके बाद Sundar ने metallurgical engineering में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, खड़गपुर से अपनी बैचलर डिग्री प्राप्त की। इसके अलावा उन्होने एम. एस. सामग्री विज्ञान में स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय और इंजीनियरिंग और पेनसिल्वेनिया विश्वविद्यालय के व्हार्टन स्कूल से एमबीए किया। जहां उन्हे एक विद्वान साइबेल और पामर विद्वान नामित किया गया।

कठिन समय

एक सामान्य परिवार से ब्लोंग करते है जिसके चलते आर्थिक तंगी का भी उन्हें सामना करना पड़ा। आपको बता दें कि, साल 1995 में Sundar Pichai स्टैनफोर्ड में बतौर पेइंग गेस्ट रहते थे। साथ ही पैसे बचाने के लिए वो पुरानी चीजें इस्तेमाल करते थे, लेकिन उन्होंने कभी भी पढ़ाई से समझौता नहीं किया। आपको बता दें कि, वे पीएचडी करना चाहते थे लेकिन परिस्थितियां इतनी अच्छी नहीं थी। जिसकी वजह से उन्हें बतौर प्रोडक्ट मैनेजर अप्लायड मटीरियल्स इंक में नौकरी करनी पड़ी। उन्होंने प्रसिद्ध कंपनी मैक्किंसे में भी बतौर कंसल्टेंट काम किया हालांकि इस वक्त तक उन्हें कोई नहीं जनता था।

मैक्किंसे में काम करने के बाद 1 Sundar Pichai साल अप्रैल 2004 को वे गूगल में आए। यहां Sundar का पहला प्रोजेक्ट प्रोडक्ट मैनेजमेंट और इनोवेशन शाखा में गूगल के सर्च टूलबार को बेहतर बनाकर दूसरे ब्रॉउजर के ट्रैफिक को गूगल पर लाना था।

सफलता की सीढ़ी

इसी दौरान उन्होंने सुझाव दिया कि गूगल को अपना ब्राउजर लांच करना चाहिए। Sundar Pichai के इस एक आइडिया से गूगल के संस्थापक लैरी पेज की नजरों में वे आ गए थे। जिसके बाद Sundar Pichai के इस आईडिया को सफल बनाया गौए। जिसके बाद इसी आइडिया से उन्हें असली पहचान मिलनी शुरू हुई। 2008 से लेकर 2013 के दौरान सुंदर पिचाई के नेतृत्व में क्रोम ऑपरेटिंग सिस्टम की सफल लांचिंग हुई और उसके बाद एंड्रॉइड मार्केट प्लेस से उनका नाम दुनियाभर में हो गया।

Sundar Pichai
Sundar Pichai

आपको बता दें कि, Sundar Pichai ने ही गूगल ड्राइव, जीमेल ऐप और गूगल वीडियो कोडेक बनाए हैं। क्रोम ओएस और एंड्रॉइड एप ने उन्हें गूगल के शीर्ष पर और सफलता की उचाईयों तक पहुंचा दिया। Sundar ने गूगल के अन्य व्यवसाय को आगे बढ़ाने में भी अपना योगदान दिया। उनकी वजह से ही गूगल ने सैमसंग को साझेदार बनाया।

सुंदर पिचाई ने गूगल के के सह-संस्थापकों, सर्गेई ब्रिन और लैरी पेज को आश्वस्त किया कि गूगल स्वयं का एक ऐसा ब्राउज़र लांच करे जो कि यूजर फ्रेंडली हो. सुन्दर के प्रयासों के कारण अंततः 2008 में गूगल के ब्राउज़र ‘क्रोम’ को लांच कर दिया गया था.

यह ब्राउज़र बहुत सफल साबित हुआ और फ़ायरफ़ॉक्स और इंटरनेट एक्सप्लोरर जैसे प्रतियोगियों को पीछे छोड़ते हुए, क्रोम दुनिया में नंबर 1 ब्राउज़र बन गया. पिचाई की इस पहल ने उन्हें इंटरनेशनल लेवल पर प्रसिद्द और वे गूगल में एक जाना-माना नाम हो गये थे.

प्रमुख सफलताएं

  1. google ज्वाइन करने के 11 सालों के बाद Sundar Pichai को अगस्त 10, 2015 के दिन Google का मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) बना दिया गया।
  2. Sundar Pichai Alphabet इंक के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO)
  3. Alphabet इंक का गठन 2015 में Google की मूल कंपनी के रूप में किया गया था। जिसके बाद फरवरी 2013 में Sundar Pichai को Google की होल्डिंग कंपनी Alphabet के 273,328 शेयर दिए गए। जिसके बाद 3 दिसंबर, 2019 को Sundar Alphabet इंक के सीईओ बन गए।

सैलरी

वहीं अगर सैलरी की बात की जाए तो Alphabet के सीईओ बनने के बाद Sundar की मेहनत भी काफी बढ़ गई। इस वजह से उनकी सैलरी में भी इजाफा हुआ। आपको बता दें कि, Sundar Pichai ने साल 2020 में कितना कमाया इसका पता हमें Google से ही चला। दरअसल Google ने US Securities and Exchange Commission के पास एनुअल प्रॉक्सी फाइल किया था। जिसके जरिए Sundar की सैलरी का पता चला।

वहीं Gadgetsnow की एक रिपोर्ट के अनुसार Sundar Pichai की बेस सैलरी साल 2020 में 2 मिलियन डॉलर थी। इसे भारतीय रूपये में बात करें तो ये सैलरी लगभग 15 करोड़ रुपये होती है। Alphabet के अनुसार 2020 के लिए Leadership Development and Compensation Committee ने Sundar की बेस सैलरी 2 मिलियन डॉलर कर दी। 2 मिलियन बेस सैलरी के अलावा उनको All Other Compensation के अंदर 5 मिलियन डॉलर की सैलरी दी जाती है। अगर उनकी टोटल सैलरी साल 2020 के लिए 7.4 मिलियन डॉलर (लगभग 52 करोड़) हो जाती है।

विशेष तथ्य

आशा करती हु कि, आप सभी अपने घरों में Safe होंगे और आपको हमारी यह पोस्ट पसंद आई होगी। Sundar Pichai के बारे में तमाम जानकारी आपको मिल गई होगी अगर आप हमसे कुछ भी पूछना चाहते है तो आप Comment के जरिए पूछ सकते है। आपको जल्द ही उसका Reply मिलेगा। ऐसी ही पोस्ट के लिए help2hindi के और पोस्ट पढ़े।

नमस्कार दोस्तों, मैं Akanksha Jain Help2Help की Biography Author हूँ. Education की बात करूँ तो मैं Mass Communication से Graduate हूँ. मुझे Biography पढ़ना और दूसरों को पढ़ाना में बड़ा मज़ा आता है.

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