भारत की पहली महिला IPS {Kiran Bedi} Biography

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कौन है Kiran Bedi

भारत में जब भी कभी नारी-सशक्तिकरण को लेकर चर्चाएं शुरू होती है तो सबसे पहले एक नाम सामने आता है {Kiran Bedi} आपको बता दें कि, Kiran Bedi भारत की सबसे पहली महिला IPS ऑफिसर है। Kiran Bedi की साहस की इतनी गाथाएं है जिसे बताने जाए तो दिन से रात हो जाएगी। उन्होंने हर पल हर क्षण देश को गर्व से गौरान्वित ही किया है। कभी तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की गाड़ी को गलत पार्किंग करने के जुर्म में उठवा लेने वाली किरण बेदी ने अपने जीवन में कभी किसी चीज से हार नहीं मानी।

Kiran Bedi देश की ऐसी महिला है जिन्होंने समाज में महिलाओं की पारंपरिक छवि को बदलकर आगे निकलने की कोशिश की और सफल भी रहीं। बेदाग पुलिस कॅरियर के साथ उन्होंने समाज सेवा भी करके लोगों की खूब वाहवाही बटोरी। वहीं आपको बता दें कि आज देश की इसी साहसी नारी का जन्मदिन है और इनके जन्मदिन पर हम इसके बारे में ही बात करेंगे। आज हम जानेंगे Kiran Bedi के बारे में, उनके करियर के बारे में और इस साहसी नारी के पीछे किसका हाथ है। तो चलिए शुरू करते है:

परिचय और पढाई

Kiran Bedi का जन्म 9 जून, 1949 को पंजाब के अमृतसर में हुआ। इनकी माता का नाम प्रेमलता पेशावरिया तथा पिता का नाम प्रकाश लाल पेशावरिया था। Kiran Bedi चार बहने है जिसमे से वे दूसरे नंबर की है। उनकी तीन बहनें हैं जिनमें से शशि कनाडा में रहती हैं और एक कलाकार हैं। दूसरी बहन रीता क्लीनिकल साइकोलॉजिस्ट और लेखक है जबकि तीसरी बहन अनु एक वकील हैं।

Kiran Bedi Family
Kiran Bedi Family

वहीं अगर उनकी पढाई की बात की जाए तो Kiran Bedi की प्रारंभिक शिक्षा अमृतसर के सैक्रेड हर्ट कॉन्वेंट स्कूल में हुई। अपने स्कूल के दौरान ही यहीं से उन्होंने NCC में प्रवेश किया था। इसके बाद साल 1966 से 1968 तक उन्होंने शासकीय कन्या महाविद्यालय, अमृतसर से अंग्रेजी साहित्य ऑनर्स में स्नातक और इसके बाद पंजाब यूनिवर्सिटी से सन् 1968-70 में राजनीति शास्त्र में स्नातकोत्तर उपाधि हासिल की।

शादी

1972 में उन्होंने एक कारोबारी Brij Bedi से शादी हो गई। शादी के तीन वर्ष बाद उनकी बेटी साइना पैदा हुई थी। वे दो साल के लिए खालसा कॉलेज फॉर वीमेन, अमृतसर में एक लेक्चरर रहीं लेकिन उनकी किस्मत शायद उनसे कुछ और ही चाहती थी जिसके चलते बाद में जुलाई 1972 में भारतीय पुलिस सेवा में भर्ती हुई थीं।

Kiran-brij
Kiran-brij

पुलिस में करियर की शुरुआत

Kiran Bedi ने भारतीय पुलिस सेवा IPS में चुने जाने के बाद नौकरी करते हुए भी अपनी पढ़ाई को जारी रखा। जिसके बाद सन 1988 में दिल्ली विश्वविद्यालय से क़ानून में स्नातक की उपाधि हासिल की। Kiran Bedi ने राष्ट्रीय तकनीकी संस्थान, नई दिल्ली से 1993 में सामा‍जिक विज्ञान में ‘नशाखोरी तथा घरेलू हिंसा’ विषय पर शोध पर पी.एच.डी. की डिग्री हासिल की।

Kiran Bedi ने संभाले ये पद

आपको बता दें कि, भारतीय पुलिस सेवा में पुलिस महानिदेशक (ब्यूरो ऑफ पुलिस रिसर्च एंड डेवलपमेंट) के पद पर पहुंचने वाली Kiran Bedi एकमात्र भारतीय महिला थीं। Kiran Bedi ने दिल्ली पुलिस के कई अहम पदों पर कार्य किया है। हालांकि समय-समय पर उनका विभाग बदलता रहा पर उनके कार्य करने की कुशलता कभी भी कम नहीं हुई।

आपको बता दें कि, Kiran DIG चंडीगढ़, गवर्नर की सलाहकार, (NCB) नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो में DIG तथा यूनाइटेड नेशन्स में एक असाइनमेंट पर भी कार्य कर चुकी हैं। इसके अलावा Kiran जाइंट कमिश्नर ऑफ पुलिस ट्रेनिंग, स्पेशल कमिश्नर ऑफ पुलिस इंटेलिजेन्स जैसे कई अहम पदों पर भी रह चुकी हैं। इंस्पेक्टर जनरल ऑफ प्रिज़न, तिहाड़ के तौर पर उनके द्वारा किए गए कार्यों की वजह से ही आज तिहाड़ जेल में इतना सुधार है।

दिया क्रेन बेदी का नाम

Kiran Bedi को लोगों ने क्रेन बेदी का भी नाम दिया है। इसके पीछे की वजह है कि, एक आई.पी.एस. रहते हुए उन्होंने बहुत सारे महत्वपूर्ण काम किए। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र पीसकीपिंग ऑपरेशन्स से जुड़े रहकर की कई बड़े काम किए है और इसके लिए उन्हें मेडल भी दिया गया था। Kiran Bedi को “क्रेन बेदी” नाम देने के पीछे भी एक किस्सा है। दरअसल, जब वे दिल्ली में ट्राफिक में उच्च पदस्थ अधिकारी थीं तब उन्होंने तत्कालीन प्रधान मंत्री इंदिरा गांधी की कार को क्रेन से उठवा लिया था और पार्किंग नियमों का उल्लंघन करने पर जुर्माना भी लगाया था।

तिहार में करवाएं सुधार

दिल्ली स्थित भारत की सबसे बड़ी जेल तिहाड़ जेल में साल 1993-95 में Kiran Bedi की तैनाती हुई थी। उस समय सुधारात्मक क़दम उठाते हुए Kiran Bedi ने अपनी एक अलग धाक बना ली थी। आपको बता दें कि, Kiran Bedi को 7,200 कैदियों वाली ‍तिहाड़ जेल का महानिरीक्षक बनाया गया था। तब उन्होंने वहां एक नया मिशन चलाया।

इस मिशन के अंतर्गत उन्होंने कैदियों के प्रति ‘सुधारात्मक रवैया’ अपनाते हुए उन्हें योग, ध्यान, शिक्षा व संस्कारों की शिक्षा देकर जेलों में बंद कैदियों की जिंदगी में सुधार लाने की एक नई हवा बहाई थी। यह बहुत कठिन लक्ष्य था लेकिन Kiran Bedi के लिए कुछ भी असंभव नहीं है उन्होंने यह कई बार साबित भी किया है। किरण बेदी ने तिहाड़ जेल का नक्शा बदलकर उसे तिहाड़ आश्रम बना दिया। इसके लिए Kiran Bedi को आज भी जाना जाता है।

पुरस्कार

साल 1968 एनसीसी कैडेट अधिकारी
साल 1972 देश की पहली महिला IPS ऑफिसर
साल 1976 नेशनल वुमन लॉन टेनिस चैंपियनशिप
साल 1979 राष्ट्रपति वीरता
साल 1980 वुमन ऑफ द ईयर
साल 1992 इंटरनेशनल वुमन अवॉर्ड
साल 1994 रामन मैगसेसे पुरस्कार
साल 1995 लायंस ऑफ़ द ईयर पुरस्कार
साल 2004 यूनाइटेड नेशन मैडल
साल 2005 मदर टेरेसा मेमोरियल राष्ट्रीय पुरस्कार
साल 2006 देश की सबसे अधिक प्रशंसित महिला
साल 2009 महिला उत्कृष्टता पुरस्कार
साल 2013 ऑनरी डिग्री ऑफ डॉक्टर ऑफ पब्लिक सर्विस पुरस्कार
साल 2014 लो ओरियल पेरिस फेमिना महिला पुरस्कार

विशेष तथ्य

आशा करती हु कि, आप सभी अपने घरों में Safe होंगे और आपको हमारी यह पोस्ट पसंद आई होगी। Kiran Bedi के बारे में तमाम जानकारी आपको मिल गई होगी अगर आप हमसे कुछ भी पूछना चाहते है तो आप Comment के जरिए पूछ सकते है। आपको जल्द ही उसका Reply मिलेगा। ऐसी ही पोस्ट के लिए help2hindi के और पोस्ट पढ़े।

नमस्कार दोस्तों, मैं Akanksha Jain Help2Help की Biography Author हूँ. Education की बात करूँ तो मैं Mass Communication से Graduate हूँ. मुझे Biography पढ़ना और दूसरों को पढ़ाना में बड़ा मज़ा आता है.

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