Jethalal (Dilip Joshi) की असल जिंदगी का सफर

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कौन है दिलीप जोशी

जेठालाल चंपकलाल गड़ा को तो आप बहुत अच्छे से जानते होंगे। हां हां वही जेठालाल जो “तारक मेहता के उल्टा चश्मा” में है आज हम उन्ही की बात करने जा रहे है। SAB से लेकिन SOCIAL MEDIA तक इनके चर्चे होते है। जेठालाल के नाम से अपनी पहचान बनाने वाले Dilip Joshi की ACTING का हर कोई फेन है। उनके COMEDY अंदाज की हर जगह तारीफ होती है। लेकिन क्या आप जानते है कि दिलीप जोशी का जेठालाल तक का सफर आसान नहीं था। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत बहुत पहले की थी लेकिन उन्हें बाद में सफलता हाथ लगी।

dilip joshii

आज हम बात करेंगे Dilip Joshi की, उनके करियर की, उनकी निजी जिंदगी की और उनकी ही कुछ खास बातों की। इस पोस्ट को पूरा पढ़े और दिलीप जोशी के जीवन के इस सफर की कहानी का आनंद ले। तो आइए शुरू करते है:

परिचय

दिलीप जोशी यानी REEL LIFE के “जेठालाल” का जन्म 26 मई 1968 को पोरबंदर के गोसा गांव में हुआ था। ये एक गुजराती ब्राह्मण परिवार से ताल्लुक रखते है। दिलीप जोशी की पत्नी का नाम जयमाला जोशी है। दिलीप जोशी के दो बच्चे हैं: नियति जोशी और रित्विक जोशी। इन्होने अपनी पढाई गुजरती में ही पूरी की है। जिसके बाद मुंबई केएनएम कॉलेज ऑफ कॉमर्स एंड इकोनॉमिक्स से बैचलर ऑफ कॉमर्स (बी.कॉम) में डिग्री हासिल की। बी.कॉम करते समय, उन्हें दो बार INT (इंडियन नेशनल थिएटर) सर्वश्रेष्ठ अभिनेता पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

बचपन से ही था ACTING का जूनून

जब DILIP महज 12 साल के थे तब से ही उनके सर पर ACTING का जूनून सवार था। स्कूल के समय में उन्होंने हर एक नाटक में हिस्सा लिया करते थे। उन्होंने गुजराती नाटकों में भी काम किया, दिलीप ने कभी भी अपनी प्रतिभा को दिखाने का मौका नहीं छोड़ा। मुंबई आने के बाद DILIP JOSHI अपने कॉलेज की तरफ से नाटकों में हिस्सा लेना शुरू कर दिया और अपने कॉलेज को कई अवार्ड्स भी जीताए। इससे कॉलेज में दिलीप जोशी की छवि एक हीरो जैसी बन गई थी।

करियर

DILIP JOSHI ने अपने करियर की शुरुआत 1989 में आई फिल्म “मैने प्यार किया” से की थी। इस MOVIE में उन्होंने रामू का किरदार निभाया था। जिसके बाद से दिलीप कई गुजराती नाटकों में दिखाई दिए। जोशी ने “ये यारियां है रंगेन” और “क्या कहना है” में भी ACTING की है। इसके बाद वे MOVIEफ़िर भी दिल है हिंदुस्तानी” और “हम आपके हैं कौन” जैसी फ़िल्मों में भी दिखाई दिए।

वहीं अगर धारावाहिक SERIALS की बात की जाये तो। हिंदी में उनके टेली-धारावाहिकों में उल्लेखनीय हैं, कभी-कभी वो , हम सब हैं , शुभ मंगल सावधान , क्या कहना है, दाल में काला और मेरी बीवी अद्भुत हैं। वह बच्चों की कॉमेडी अगड़म बागड़म टाइगडम में अंकल टप्पू के रूप में दिखाई दिए, साथ ही 2009 की फिल्मों में ढोंढे रे जोगे और आशुतोष गोवारीकर के व्हाट्स योर राशी के किरदार में नजर आए।

फिल्मों में रखा कदम

आपको बता दें कि, साल 1989 में दिलीप जोशी को फिल्मों में अपना जज्बा दिखाने का मौका मिला। उनकी पहली FILM सूरज बड़जात्या की थी जिसका नाम था ‘मैंने प्यार किया’ इस फिमो में उन्होंने रामू नौकर का किरदार निभाया था। इसके बाद 1992 ने दिलीप जोशी ने गुजराती फिल्म ‘हूं हुंशी हुंशिलाल’ में काम करने का मौका मिला। जिसके बाद DILIP ने एक बार फिर सूरज बड़जात्या के साथ काम किया और इस FILM का नाम था ‘हम आपके हैं कौन।’ इस FILM में उन्होंने भोला का किरदार निभाया था।

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इतनी बड़ी MOVIES में काम करने के बाद भी DILIP को उनकी पहचान नहीं मिली और इन सब के बाद भी उन्हें काम के लिए काफी संघर्ष करना पड़ा। BOLLYWOOD में अपना सिक्का जमाने के लिए उन्होंने कई जगह AUDITION दिए उन्होंने कभी हार नहीं मानी। उन्होंने अपने करियर में यश, सर आंखों पर, फिर भी दिल है, हन्दुस्तानी खिलाड़ी 420, वन टू का फोर, दिल है तुम्हारा, फ़िराक़ डॉन मुत्तु स्वामी, what’s your rashee? और ढूंढते रह जाओगे जैसी फिल्मों में काम किया है।

छोटे परदे का सफर

अपनी पहचान की तलाश में DILIP JOSHI ने हर छोटे-मोटे रोल को अपनाया है। उन्होंने मूवीज के साथ-साथ छोटे परदे पर भी अपनी किस्मत आजमाई। कड़े संघर्ष के बाद उन्हें “तारक मेहता का उल्टा चश्मा” से अपनी पहचान मिली। आपको बता दें कि, साल 2008 का वह समय था जब दिलीप जोशी के पास काम नहीं था। इस दौरान असित कुमार मोदी ने दिलीप जोशी को ‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा’ में जेठालाल के पिताजी चंपकलाल गड़ा का रोल ऑफर किया। लेकिन दिलीप जोशी जेठालाल का किरदार निभाना चाहते थे।

जब DILIP ने यह बात असित कुमार मोदी को बताई तो उन्होंने जेठालाल के किरदार के लिए दिलीप जोशी का ऑडिशन लिया और उनका रोल कन्फर्म हो गया। बस फिर क्या था ‘जेठालाल’ के किरदार से दिलीप जोशी की जिंदगी ही बदल गई। दिलीप जोशी पिछले 13 साल से ‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा’ में जेठालाल का किरदार निभा रहे हैं।

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“TARAK MEHTA KA ULTA CASHMA” के पहले दिलीप जोशी ने कई SERIALS में काम किया। उन्होंने “क्या बात है, दाल में काला, कोरा कागज़, दोउ ओर पाँच, हम सब एक हैं, ये दुनीया है रंगन, बालकृष्ण नामुदारी, रिशते – द लव स्टोरीज़, शुभ मंगल सावधान, मेरी बीवी कमाल की, आज के श्रीमन श्रीमति, कुडकुड़िया हाउस नंबर 43, हम सब बाराती, भगवान बचै इनको, CID विशेष ब्यूरो, अगदाम बगदाम तिगदम” इन सभी सीरियल में काम किया है। लेकिन उन्हें उनकी पहचान जेठालाल से ही मिली।

AWARD

दिलीप जोशी को अभी तक कुल 17 AWARDS मिले है। इसकी ख़ास बात तो यह है कि इन्हे ये सभी AWARDSतारक मेहता का उल्टा चश्मा” के लिए ही मिले है। दिलीप का यह सफर 2009 से शुरू हुआ था जिसके अब अभी भी यह सफर और आगे तक जाएगा।

मेरी बातें

मैं आशा करती हु कि आपको हमारी यह पोस्ट पसंद आएगी। अगर आप भी दिलीप जोशी के फैन है तो इस पोस्ट को जरूर अपने परिवारजनो और अपने दोस्तों के साथ शेयर करे। आपको इस पोस्ट से RELATED कुछ भी पूछना हो तो आप हमें COMMENT के जरिए पूछ सकते है।

 

नमस्कार दोस्तों, मैं Akanksha Jain Help2Help की Biography Author हूँ. Education की बात करूँ तो मैं Mass Communication से Graduate हूँ. मुझे Biography पढ़ना और दूसरों को पढ़ाना में बड़ा मज़ा आता है.

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