Milkha Singh से “फ्लाइंग सिख” की जीवनी

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कौन है मिल्खा सिंह Milkha Singh

Milkha Singh देश के बेस्ट एथलीटों में से एक हैं, उन्होंने अपनी अद्वितीय SPEED के कारण कई RECORD तोड़े है और कई दर्ज किए हैं। मिल्खा सिंह को तेज स्पीड से दौड़ने की वजह से ही ”फ्लाइंग सिख” का नाम मिला है। आपको यह जानकर बहुत खुशी होगी कि मिल्खा सिंह  INDIA के पहले ऐसे एथलीट हैं जिन्होंने COMMON WEALTH GAMES में milkha singh record भारत को स्वर्ण पदक दिलवाया है।

कब जीता था GOLD MEDAL

आपको बता दें कि, मिल्खा सिंह ने रोम के 1960 SUMMER OLYMPICS और TOKYO के 1964 SUMMER OLYMPICS में देश का सर गर्व से ऊंचा किया था। साथ ही मिल्खा सिंह ने साल 1958 और 1962 के एशियाई खेलो में भी स्वर्ण पदक जीता था। हालांकि साल 1960 में रोम OLYMPIC GAMES में वे milkha singh olympic medals हासिल करने में नाकामयाब हुए थे, लेकिन इस दौड़ में उन्होंने 40 साल का रिकॉर्ड तोड़कर देश का मान बढ़ाया था। जिसके बाद उनके महत्वपूर्ण योगदान की वजह से भारत सरकार ने मिल्खा सिंह को पद्म श्री अवॉर्ड से नवाजा था।

देश के पहले PM ने की थी तारीफ

देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू ने भी मिल्खा सिंह की असाधारण खेल प्रतिभा की खूब प्रशंसा की थी। मिल्खा सिंह आज भी कई युवा खिलाड़ियों के IDEAL है। आज के युवाओं के अंदर उनके जीवन को देखकर अच्छा प्रदर्शन करने का जज्बा पैदा होता है।

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मिल्खा सिंह का व्यक्तिगत जीवन

पूरा नाम: मिल्खा सिंह
जन्म: 8 अक्टूबर, 1935, लायलपुर
पत्नी: निर्मल कौर
बच्चे: 1 बेटा, 3 बेटियां
पुरस्कार: पद्म श्री

मिल्खा सिंह का ऐसा गुजरा बचपन

मिल्खा सिंह का जन्म 20 नवम्बर, साल 1929 में भारत के PUNJAB में एक सिख राठौर परिवार में हुआ था। लेकिन कुछ DOCUMENT के मुताबिक उनका जन्म 17 अक्टूबर 1935 को माना जाता है। वे अपने माँ-बाप की 15 संतानों में वे एक थे। उनके कई भाई-बहन बचपन में ही गुजर गए थे। वहीं भारत-पकिस्तान के विभाजन के बाद हुए दंगों के दौरान मिल्खा सिंह ने अपने परिवार को खो दिया था। जिसके बाद वे ट्रेन से PAKISTAN से DELHI आ गए और दिल्ली में वे अपनी शादी-शुदा बहन के घर पर कुछ दिन रहे।

यहां कुछ समय वे शरणार्थी शिविरों रहे जिसके बाद दिल्ली के शहादरा इलाके की एक पुनर्स्थापित बस्ती में भी उन्होंने कुछ दिन गुजारे। अपने भाई मलखान के कहने पर उन्होंने ARMY में भर्ती होने का निर्णय लिया और चौथी कोशिश के बाद साल 1951 में सेना में ADMISSION हो गया। बचपन में वह घर से स्कूल और स्कूल से घर की तक दौड़ लगाकर 10 किलोमीटर की दूरी पूरी करते थे और भर्ती के वक़्त क्रॉस-कंट्री रेस में छठें स्थान पर आए थे। इसलिए सेना ने उन्हें खेलकूद में स्पेशल ट्रेनिंग के लिए चुना था।

ऐसे हुई करियर की शुरुआत

ARMY में भर्ती के दौरान मिल्खा सिंह ने कड़ी मेहनत की और 200 मी और 400 मी में अपना नाम दर्ज किया और कई अन्य प्रतियोगियों में भी जीत हासिल की। मिल्खा सिंह ने सन 1956 के MERLBANN OLYMPIC में 200 और 400 मीटर में भारत का प्रतिनिधित्व किया लेकिन INTERNATIONAL LEVEL पर उनको असफलता हासिल हुई। जिसके बाद मिल्खा सिंह ने साल 1957 में 400 मीटर की दौड़ को 5 सैकेंड में पूरा करके नया NATIONAL RECORD बनाया। वहीं साल 1958 में कटक में आयोजित INTERNATIONAL GAMES में उन्होंने 200 मी और 400 मी प्रतियोगिता में राष्ट्रीय कीर्तिमान स्थापित किया। आपको बता दें कि, इन दोनों प्रतियोगिताओं में milkha singh gold medal हासिल किया।

साल 1958 में उन्हें एक और महत्वपूर्ण सफलता मिली जब उन्होंने BRITISH COMMON WEALTH GAMES में 400 मीटर प्रतियोगिता में GOLD MEDAL हासिल किया। इस प्रकार वह INTERNATIONAL GAMES के GOLD MEDAL जीतने वाले स्वतंत्र भारत के पहले खिलाड़ी बन गए। वहीं साल 1958 के ASIAN GAMES में मिल्खा सिंह के बेहतरीन प्रदर्शन के बाद सेना ने उनको जूनियर कमीशंड ऑफिरसर के तौर पर प्रमोशन कर सम्मानित किया। जिसके बाद उन्हें पंजाब के शिक्षा विभाग में खेल निदेशक के पद पर नियुक्त किया गया और इसी पद पर मिल्खा सिंह साल 1998 में रिटायर्ड हुए।

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मिल्खा सिंह पर बनी BIOPIC

आपको बता दें कि भारत के महान एथलीट ने अपनी बेटी सोनिया संवलका के साथ मिलकर अपनी बायोग्राफी ‘The Race Of My Life’ लिखी थी। वहीं इस किताब से प्रभावित होकर बॉलीवुड के प्रसिद्द DIRECTOR राकेश ओम प्रकाश मेहरा ने उनके प्रेरणादायी जीवन पर एक MOVIE बनाई, जिसका नाम ‘BHAG MILKHA BHAG’ रखा। यह फिल्म 12 जुलाई, 2013 में रिलीज हुई थी। फिल्म में मिल्खा सिंह का किरदार फिल्म जगत के मशहूर अभिनेता FARHAN AKHTAR ने निभाया था। फिल्म को दर्शकों ने काफी सराहा था, लोगों ने इस मूवी को काफी पसंद किया था। जिसके बाद इस फिल्म को 2014 में BEST ENTERTAINMENT FILM का पुरस्कार भी मिला।

मिल्खा सिंह ने पूरा किया HOCKEY PLAYER का सपना

अपने सपने के अलावा भी मिल्खा सिंह ने कई अन्य खिलाड़ियों के भी सपनों को उड़ान दी है। आपको बता दें कि, हरप्रीत सिंह एक HOCKEY PLAYER है। हरप्रीत महज 18 उम्र की है जिसने खेलो इंडिया यूथ गेम्स (Khelo India Youth Games) में शीर्ष स्कोरर में से एक थे। हरप्रीत को भारतीय जूनियर टीम के संभावित खिलाड़ियों की सूची में भी शामिल किया गया था। उनको अपने परिवार की मदद करने के लिए डबल-शिफ्ट में एक मजदूर की तरह काम करना पड़ रहा था।

एक NEWS AGENCY के द्वारा मिल्खा सिंह को हरप्रीत की कहानी पता चली और उन्होंने इस नौजवान की मदद करने का मन बना लिया। आपको बता दें कि, मिल्खा सिंह कीपत्नी, पूर्व भारतीय वालीबॉल खिलाड़ी निर्मल कौर है और उनके बेटे भारतीय गोल्फर जीव मिल्खा सिंह है। इन्होने हरप्रीत सिंह को 50,000 का चेक दिया और आश्वासन दिया कि उन्हें ‘मिल्खा के चैरिटेबल ट्रस्ट’ द्वारा कई सुविधाएं दी जाएंगी।

मिल्खा सिंह ने हरप्रीत सिंह से कहा, “कोई भी सपना छोटा नहीं होता। अगर आप भारत के लिए खेलना चाहते हैं, तो आपको इसे प्राप्त करने के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ देने के लिए तैयार रहना चाहिए। मैंने ऐसी परिस्थितियों का सामना किया है। जब आप बाधाओं के खिलाफ लड़ते हैं, तो आप वो हासिल करते हैं, जो आप चाहते हैं।”

वहीं हरप्रीत सिंह ने एक INTERVIEW के दौरान कहा था कि, “मैं बहुत ख़ुश हूँ। अपनी भावनाओं को समझाने के लिए मेरे पास कोई शब्द नहीं है। मुझे कभी भी मिल्खा सर और उनके परिवार से इस तरह मिलने की उम्मीद नहीं थी। मैंने उन्हें कभी निराश नहीं करूंगा।”

नमस्कार दोस्तों, मैं Akanksha Jain Help2Help की Biography Author हूँ. Education की बात करूँ तो मैं Mass Communication से Graduate हूँ. मुझे Biography पढ़ना और दूसरों को पढ़ाना में बड़ा मज़ा आता है.

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