भारत का सर ऊंचा करने वाली Saina Nehwal का जीवन परिचय

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कौन है SAINA

Saina Nehwal वो है जिन्होंने खेल के क्षेत्र Bharat का सर गर्व से ऊंचा किया है। आपको बता दें कि, साइना लम्बे समय तक भारत की ही नहीं बल्कि विश्व की नंबर 1 खिलाड़ी रही है। वे एक महिला बैडमिंटन खिलाड़ी है जिन्होंने अपनी लगन और प्रतिभा से पूरी दुनिया में अपना नाम बनाया है। SAINA 2004 से बैडमिंटन खेलते आ रही है और तब से लेकर अब तक उन्होंने अपनी मेहनत और लगन से कई पदक, अवार्ड्स और अचीवमेंट हासिल किए है। आज हम आपको साइना नेहवाल के बारे में जानकारी देंगे। उनके जीवन के महत्वपूर्ण पल, संघर्ष के बारे में बताएंगे।

आपको बता दें कि, वे 2009 तक बैडमिंटन की टॉप 10 खिलाड़ियों की लिस्ट में शामिल रही है। इतनी कड़ी मेहनत और ऊंची सफलता की प्रेरणा देने वाली साइना इस मुकाम पर कैसे पहुंची? आइये जानते है:

परिचय

साइना नेहवाल का जन्म 17 मार्च, 1990 को हरियाणा के हिसार में हुआ था। उनके पिता का नाम हरवीर सिंह और माता का नाम उषा रानी है। इनके पिता हरियाणा की एक Agricultural University में काम करते थे और इनकी माँ एक राज्य की स्टार बैडमिंटन player थी। दरअसल कुछ समय बाद इसका पूरा परिवार हरियाणा से हैदराबाद शिफ्ट हो गया।

पढ़ाई

पिता के ट्रान्सफर के चलते SAINA ने कई स्कूल बदले है। उन्होंने अपनी स्कूल की पढाई HARIYANA के हिसार से ही शुरू की और HYDRABAD के संत एनस कॉलेज मेह्दिपत्नाम से 12वीं पूरी की थी। स्कूल के दौरान साइना काफी शांत, शर्मीली और Intelligent Student थी। उनकी Schooling के दौरान वे कराटे भी सीखती थी। जिसमे उन्हें ब्राउन बेल्ट भी मिला हुआ है।

विरासत में मिला बैटमिंटन

SAINA के माता पिता स्टेट लेवल पर बैडमिंटन खेला करते थे। गौरतलब है कि, Badminton की प्रतिभा साइना को उनके माता पिता से विरासत में मिली थी। आपको बता दें कि, साइना जब महज 8 साल की थी तभी से उनका मन बैडमिंटन में लग गया था। जिसके बाद उनके पिता ने उन्हें Badminton सिखाने का फैसला किया, उनके पिता उन्हें Haidrabad के Lal Bahadur Stadium ले गए, जहाँ कोच “नानी प्रसाद” के अंडर में साइना को बैडमिंटन की शिक्षा दी गई।

आपको बता दें कि, SAINA के पिता का सपना था की उनकी लाड़ली को एक अच्छा बैडमिंटन प्लेयर बनाना चाहते थे। साइना की Training के लिए उन्होंने अपनी पूरी जमा राशी खर्च कर दी और एक बार भी उसकी परवाह नहीं की। बैडमिंटन की प्रैक्टिस के लिए साइना अपने घर से करीब 25 किलोमीटर दूर जाती थी। साइना की Success में सबसे बड़ा हाथ उनके पिता थे उनके पिता रोज साइना को सुबह 4 बजे Stadium ले जाते थे। कई बार साइना स्कूटर में अपने पापा के पीछे बैठे बैठे सो जाती थी।

saina family

वे किसी दुर्घंट्ना का शिकार ना हो जाए इसके दर से फिर उनकी माँ भी साइना के साथ स्टेडियम जाने लगी। वहां 2 घंटे की Practice के बाद साइना स्कूल जाती थी। कुछ समय बाद साइना ने ‘एस एम् आरिफ’ से ट्रेंनिग ली। आपको बता दें कि, S.M. Arif देश के जाने माने खिलाड़ी है, जिन्हें द्रोणाचार्य अवार्ड से सम्मानित किया गया है।

एस एम् आरिफ से ट्रेनिंग लेने के बाद इसके बाद साइना ने हैदराबाद की ‘पुल्लेला गोपीचंद अकैडमी’ ज्वाइन की। जहाँ उन्हें गोपीचंद जी से ट्रेनिंग मिली। साइना गोपीचंद जी को अपना मेंटर मानती है।

करियर

साइना ने सन 2003 में ‘Junior czac open’ में पहला टूर्नामेंट खेला था जिसमे उन्होंने जीत हासिल की थी। जिसके बाद 2004 में ‘Commonwealth Youth Games’ में हिस्सा लिया और इसमें उन्होंने दूसरा स्थान प्राप्त किया। वहीं 2005 में ‘Asian Satellite Badminton Tournament’ में एक बार फिर साइना ने अपनी काबिलियत दिखाई और जीत अपने नाम की और 2006 में भी उन्होंने ‘Asian Satellite Badminton Tournament’ का खिताब हासिल किया। इस खिताब को हासिल करने के बाद SAINA पहली अंडर 19 खिलाड़ी बन गई, जिन्होंने लगातर दो बार इतना बड़ा ख़िताब हासिल किया।

जिसके बाद 2008 में SAINA पहली भारतीय बन गई, जिन्होंने ‘World junior badminton championships’ का ख़िताब जीता। इसी साल साइना ने ‘Chinese Tapi Open Grand Prix Gold’ , ‘Indian National Badminton Championships’ और ‘Commonwealth Youth Games’ में भी जीत हासिल की। 2008 में साइना को सबसे होनहार खिलाड़ी के रूप में घोषित किया गया था। इसके बाद 2009 तक साइना बैडमिंटन की टॉप 10 खिलाड़ी की लिस्ट में रही है। सन 2015 में साइना वर्ल्ड रैंकिंग में पहले स्थान पर थी। आपको बता दें कि इस जगह पहुँचने वाली साइना पहली भारतीय महिला थी, और प्रकाश पादुकोण के बाद दूसरी भारतीय।

शादी

साइना नेहवाल ने पारुपल्ली कश्यप के साथ सात फेरे लिए है। आपको बता दें कि, पारुपल्ली कश्यप भी एक बैडमिंटन प्लेयर है। एक इंटरव्यू के दौरान SAINA ने बताया था कि, वह और पारुपल्ली कश्यप एक दूसरे को 10 साल से जानते हैं और हमेशा एक-दूसरे के साथ Comfortable महसूस करते हैं। साइना ने कहा था कि, ‘साल 2007-08 में हम विदेशी टूर पर एक साथ ट्रेवल करना शुरु किया। हमने एक साथ टूर्नामेंट खेले, ट्रेनिंग ली और एक दूसरे के मैचों को ज्यादा अहमियत देने लगे। एक दूसरे के मैच के बारे में बातें करते-करते दोनों के मन में एक-दूसरे के लिए फीलिंग्स आनी शुरू हो गईं। हम बड़ी आसानी से एक दूसरे के करीब आ गए।’

saina husband

जिसके बाद 14 दिसंबर 2018 को साइना नेहवाल और पारुपल्ली कश्यप शादी के बंधन में बंध गए। इस बात का ऐलान उन्‍होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर किया था। हालांकि दोनों ने शादी के लिए 16 दिसंबर का ऐलान किया था। लेकिन उन्होंने 14 दिसंबर को शादी के सात फेरे ले लिए और हमेशा के लिए एक दूसरे के हो गए।

मेरी बातें

आशा करती हु कि आपको हमारी यह पोस्ट पसंद आई होगी, और आपको साइना नेहवाल के बारे में खासी जानकारी भी मिली होगी। साइना से हमको शिक्षा मिलती है कि, उन्होंने कभी भी अपना हौसला डगमगाने नहीं दिया और अपने Goal पर हमेशा Focus किया। अगर आपको कोई भी doubt हो तो आप हमें comment करके बता सकते है। आपको जल्द से जल्द उनका रिप्लाई मिल जाएगा। आप अपने परिवारवालों और अपने दोस्तों के साथ ये पोस्ट जरूर शेयर करें।

नमस्कार दोस्तों, मैं Akanksha Jain Help2Help की Biography Author हूँ. Education की बात करूँ तो मैं Mass Communication से Graduate हूँ. मुझे Biography पढ़ना और दूसरों को पढ़ाना में बड़ा मज़ा आता है.

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